दोस्तों पोस्ट का टाइटल तो आपने देख ही लिया होगा कि पाकिस्तान में कोरोनावायरस के नाम पर भीख इकट्ठी की जा रही है लेकिन जब पाकिस्तान में सभी भिखारी हैं तो भीख देगा कौन पाकिस्तान दूसरे देशों से अक्सर भीख मांगता आया है लेकिन अब तो वर्ल्ड बैंक और सभी देशों ने पाक को भीख देने से मना कर दिया है अगर आपने हमारा सूट बूट पहनने वाला भिखारी नहीं देखा है तो यह नीचे वाला आर्टिकल जरूर पढ़ें

सूट बूट पहनने वाला भिखारी

पाकिस्तान में लोकडाउन जनता के गले की हड्डी बन चुका है क्योंकि पाकिस्तान में सरकार को लोग डाउन लगाना नहीं आता और जनता को लोक डाउन का पालन नहीं करना आता पाकिस्तान से अभी अभी की ताजा खबर आ रही है कि एक पिता और उसके बच्चे को अस्पताल में दाखिल नहीं होने दिया गया क्योंकि वह लोक डाउन का उल्लंघन करके अस्पताल की तरफ आ रहे थे भला यह भी कोई बात हुई लॉक डाउन में अस्पताल तो खुले ही होते हैं अगर बच्चा अधिक सीरियस है तो उसे अस्पताल को तो असफ्ट करना ही होगा लेकिन नहीं पाकिस्तान इस बात को नहीं समझ रहा पाकिस्तान के लोगों की रग रग में पागलपन समाया हुआ है,

पाकिस्तान हमेशा से बचकानी हरकतें करता आया है क्योंकि पाकिस्तान में इंसानियत के नाम पर कुछ बचा ही नहीं है यह कोई एक खबर नहीं है कि पाकिस्तान ने लोगों के साथ नाइंसाफी की है ऐसी हजारों खबरें पिछले महीनों में आई है जिनमें हमने देखा है कि किस तरह से इंसानियत तार-तार हो रही है


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आपको एक और ताजा उदाहरण देते हैं अभी कुछ समय पहले ही यानी कि पाकिस्तान के नाम मात्र वाले लॉक डाउन में ही एक पिता और उसका बच्चा बाइक पर जा रहे थे बच्चा घायल था इसलिए पिता उसे हॉस्पिटल ले जा रहा था लेकिन रास्ते में पुलिस वाले ने उन्हें रोक लिया और डबल सवारी का चालान काटा गया और हॉस्पिटल की बजाय उन दोनों को हवालात ले जाया गया,
हालांकि बाद में बच्चे को हॉस्पिटल भी ले जाया गया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी, पुलिस की एक बहुत बड़ी लापरवाही की वजह से छोटा सा बच्चा अपनी जिंदगी की बाजी हार गया,

वैसे तो सारे ही पाकिस्तान में जाहिल हरकतें हो रही है लेकिन इनमें से पाकिस्तान का मशहूर शहर कराची सबसे आगे है अभी पाकिस्तान के न्यूज़ चैनल पर हमने देखा कि किस तरह से कराची की पुलिस वाले लोगों के साधन रकबा रुकवा कर उनमें पंचर कर रही है,

अब सवाल उठता है कि क्या पाकिस्तान इस तरह से करो ना पर काबू पा लेगा बेसहारा लोगों को तकलीफ देकर उनके साधन पंचर कर के और यहां तक कि छोटे-छोटे मासूमों की जान लेकर क्या पाकिस्तान इस महामारी से बच पाएगा,

कोई भी डबल सवारी वाले साधन पंक्चर किए जा रहे हैं यहां पर एक हंसी वाली बात और है कि पाक मीडिया का कहना है कि डब्ल्यूएचओ ने हमारे खान साहब यानि की इमरान खान के कान में बताया है कि कोरोना डबल सवारी के साथ ही आता है,

लेकिन यहां ऐसी बात नहीं है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को लोगों की फिक्र नहीं है उन्होंने इस घटना पर बहुत दुख प्रकट किया और हां थोड़े बहुत आंसू भी बहाए हैं इमरान ने कहा है कि मुझे पुलिस के इस रवैए से बहुत दुख हुआ है,
अरे भाई तुम पुलिस से कुछ ऊपर ही होंगे या पाकिस्तान इतना गिर गया है कि पुलिस वाले प्रधानमंत्री से भी ऊपर हो चुके हैं,
लेकिन यहां एक बात और भी है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री तो कोरोनावायरस लड़ने में व्यस्त है इसलिए उन्हें शायद इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान नहीं रहता,
या हो सकता है कि वह यह सोच रहा हो कि सभी देशों ने तो भीख देने से मना कर दिया है अब क्यों न भारत से ही पूछ लूं, 
इमरान ने अब करोना और इन्हीं सब चीजों को लेकर 1 महीने का वक्त मांगा है लगता है कि 1 महीने बाद खान साहब इसके ऊपर कुछ लंबी चौड़ी स्पीच देकर मुद्दा ही मिटा देने वाले हैं,


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